अष्ट काली मन्त्र

अष्ट काली मन्त्र



॥  ऊं अष्टकाल्यै क्रीं श्रीं ह्रीं क्रीं सिद्धिं मे देहि दापय नमः ॥


  1. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जाप करें.
  2. दिगम्बर अवस्था में जाप करें या काले रंग का आसन वस्त्र रखें.
  3. रुद्राक्ष या काली हकीक माला से जाप करें.
  4. पुरश्चरण १,२५,००० मन्त्रों का होगा.
  5. रात्रिकाल में जाप करें.
  6. जप के बाद १२५०० मन्त्र में स्वाहा लगाकर सामान्य हवन सामग्री या कालीमिर्च से हवन  करें.
Aacharya Goldie Madan
Whats app +16475102650 and +919717032324

Comments

Popular posts from this blog

व्यापार वृद्धिकारक तन्त्र-बन्धन मुक्ति प्रयोग

Mahakaal Bhairav ashtakam strotra

अच्छा खासा चलता व्यवसाय ठप्प पड़ गया हो तो क्या करे (For high profit in business)